कई लोग गूगल पर सर्च करते हैं “क्या डूंगरपुर एक शहर है या गाँव?” (Is Dungarpur a city or village? ) यह सवाल बहुत सामान्य है, खासकर उन लोगों के लिए जो राजस्थान के इस खूबसूरत इलाके के बारे में कम जानते हैं।
इस ब्लॉग में हम विस्तार से बताएंगे कि डूंगरपुर असल में क्या है, इसकी खासियतें क्या हैं और इसे क्यों जाना जाता है।
एक ऐतिहासिक शहर: डूंगरपुर
डूंगरपुर राजस्थान राज्य का एक ज़िला और शहर है। (Dungarpur is a city not village) यह राजस्थान के दक्षिणी भाग में, गुजरात की सीमा के पास स्थित है।
डूंगरपुर न सिर्फ प्रशासनिक दृष्टि से एक शहर है, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी इसकी अपनी पहचान है।
यहाँ नगर परिषद (Municipality) है, जो इसे गाँव नहीं, बल्कि साफ़ तौर पर एक शहर बनाती है।
डूंगरपुर की खास पहचान
इतिहास: डूंगरपुर की स्थापना 13वीं शताब्दी में हुई थी और यह बांसवाड़ा रियासत से अलग होकर बना।
डूंगरपुर के महल: यहाँ के उदयविलास पैलेस और जूना महल जैसे स्थल इसे ऐतिहासिक महत्व का शहर बनाते हैं।
जनसंख्या: डूंगरपुर शहर की जनसंख्या करीब 50,000 से अधिक है, जो इसे एक छोटे लेकिन विकसित शहर की श्रेणी में रखती है।
डूंगरपुर जिले की कुल जनसंख्या 13,88,552 के करीब है।
व्यवस्था: यहाँ बाज़ार, अस्पताल, स्कूल, कॉलेज, बैंक, होटल्स और सभी ज़रूरी शहरी सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
डूंगरपुर गाँव क्यों नहीं है?
गाँवों की पहचान होती है – ग्राम पंचायत, कम घनी आबादी, खेती-किसानी पर निर्भरता।
लेकिन डूंगरपुर में नगर परिषद, शहरी बाज़ार, सरकारी कार्यालय, टूरिस्ट स्पॉट और बड़ा रेलवे स्टेशन जैसी सुविधाएँ मौजूद हैं।
इसलिए इसे गाँव कहना गलत होगा।
डूंगरपुर जिले मे कुल 972 गाँव है, जो की 10 पंचायत समिति ओर 352 ग्राम पंचायत मे फेला हुआ है।
डूंगरपुर क्यों प्रसिद्ध है?
- हरे-भरे पहाड़ और झीलें।
- देवसोमनाथ, बेणेश्वर धाम, श्री नाथ जी मंदिर जैसे धार्मिक स्थल।
- हर वर्ष लगने वाला बेणेश्वर ओर रंग पंचमी का मेला।
- डूंगरपुर का अनोखा ग्रीन मार्बल।
अगर आपके मन में यह सवाल था कि “डूंगरपुर शहर है या गाँव?”, तो अब आपको साफ़ जवाब मिल गया होगा – डूंगरपुर एक ऐतिहासिक और विकसित शहर है जो की अपनी स्वच्छता के लिए जाना जाता है।
इसकी अपनी संस्कृति, प्रशासन और पहचान है, जो इसे राजस्थान के मानचित्र पर एक खास जगह देती है।