नीला पानी मेला डूंगरपुर | Neela Pani Mela Dungarpur Vlog
नमस्ते दोस्तों! आज मैं आपको दिखाऊँगा वागड़ का बहुत प्रसिद्ध नीला पानी मेला, जिसे स्थानीय लोग लीला पानी मेला भी कहते हैं। (Neela Pani Mela Dungarpur 2025)
यह मेला हर साल देव दिवाली के मौके पर सापन नदी के किनारे भरता है। यह सिर्फ एक मेला नहीं, बल्कि वागड़ की संस्कृति, श्रद्धा और लोक परंपरा का प्रतीक है।

इतिहास और धार्मिक महत्व:
नीला पानी मेला वागड़ के सबसे पुराने मेलों में से एक है। यहां श्रद्धालु ढोल और कुड़ी की गूंज के साथ धर्म ध्वजा लेकर अपने पूर्वजों का तर्पण करते हैं।
कहा जाता है कि यह जगह साधना का धाम भी मानी जाती है, जहां भक्त मनोकामनाएं लेकर आते हैं और भोलेनाथ से आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
मेले का माहौल:
जैसे ही आप मेले में प्रवेश करते हैं, लोगों की भीड़ देखकर अंदाजा हो जाता है कि यह मेला कितना लोकप्रिय है।
चारों तरफ रौनक ही रौनक दिखाई देती है —
यहां कृषि सामग्री, पारंपरिक बर्तन, श्रृंगार का सामान, बच्चों के खिलौने और कपड़ों की दुकानें लगी होती हैं।
मनोरंजन के लिए यहां झूले और खेल भी लगाए जाते हैं, जहां बच्चे और बड़े सभी आनंद लेते हैं। लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ पूरे दिन इस मेले की रौनक में खो जाते हैं।
कालिया पहाड़ी और महादेव मंदिर यात्रा:
नीला पानी मेले की खासियत सिर्फ मेले तक सीमित नहीं है, इसके पास की कालिया पहाड़ी इस मेले का सबसे पवित्र स्थान है।
पहाड़ की चढ़ाई थोड़ी कठिन जरूर है, लेकिन ऊपर पहुंचने के बाद महादेव जी के मंदिर के दर्शन सारी थकान मिटा देते हैं।
टिप: जब भी आप इस मेले में आएं, पहले पहाड़ी घूम लें, फिर मेला देखें — ताकि आप बिना थके पूरे अनुभव का आनंद ले सकें।
संस्कृति और लोक परंपरा का संगम:
नीला पानी मेला सिर्फ एक उत्सव नहीं बल्कि वागड़ की पहचान है। यह वह जगह है जहाँ संस्कृति, भक्ति और मनोरंजन एक साथ जुड़ते हैं।
यहां का हर दृश्य आपको राजस्थान की असली लोक आत्मा का एहसास कराता है।
FAQs:
Q1. नीला पानी मेला कब लगता है?
➡️ यह मेला हर साल देव दिवाली के अवसर पर सापन नदी किनारे लगता है।
Q2. इस मेले की खास बात क्या है?
➡️ श्रद्धालु यहां तर्पण करते हैं, कालिया पहाड़ी पर महादेव मंदिर जाते हैं, और मेले में पारंपरिक खरीदारी और झूलों का आनंद लेते हैं।
Q3. नीला पानी मेला कहाँ भरता है?
➡️ यह मेला डूंगरपुर जिले में, सापन नदी के किनारे लगता है।
